भारत की 10 सबसे बड़ी नदियाँ । Top 10 largest river in India in hindi


हिमालय और प्रायद्वीपीय नदियों के विशाल नेटवर्क के साथ, भारत को नदियों का देश माना जाता है।  भारत में नदियों के किनारे कई प्राचीन सभ्यताएँ पनपी हैं। इन नदियों को देश में हिंदुओं द्वारा पवित्र माना जाता है और उन्हें देवी-देवताओं के रूप में पूजा जाता है।

हिमालय की नदियाँ हिमालयी श्रेणियों से उत्पन्न होती हैं और बारहमासी बहती रहती हैं, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ बारिश के समय पर भर जाती है, जबकि गर्मियों में यह नदी लगभग सूख जाती है । नदी प्रणाली बड़ी संख्या में आबादी के लिए सिंचाई, पेयजल, किफायती परिवहन, बिजली, साथ ही आजीविका प्रदान करती है।  

यह स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है कि क्यों भारत के सभी प्रमुख शहर नदी के किनारे स्थित हैं। भारतीय नदी प्रणाली को हिमालय, प्रायद्वीपीय, तटीय और अंतर्देशीय-जल निकासी बेसिन नदियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। भारत का सबसे बड़ा नदी बेसिन गंगा बेसिन है, जो उत्तर में हिमालय और दक्षिण में विंध्य से पानी प्राप्त करता है।  गंगा, यमुना, घाघरा, गंडक और कोसी इस बेसिन के मुख्य घटक हैं। ब्रह्मपुत्र में भारत की सभी नदियों के पानी की मात्रा सबसे अधिक है।  यह सिंधु और सतलुज का स्रोत है और अरुणाचल प्रदेश और असम से होकर बहती है

1.सिन्धु नदी  

लंबाई – 3180  km

उद्गम – मानसरोवर झील के पास, कैलाश पर्वत श्रृंखला

सहायक नदियाँ– झेलम, रावी, चिनाब, ब्यास और सतलज 

मुख्य शहर – लेह, taxila, 

सिंधु नदी भारत की सबसे बड़ी नदी है, यह नदी भारत और पाकिस्तान में बहती है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा पाकिस्तान में जाता है तो इस हिसाब से गंगा नदी भारत की सबसे बड़ी नदी है, क्योंकि सिंधु नदी की भारत में लंबाई 1114 किलोमीटर है जबकि गंगा नदी की लंबाई 2510 किलोमीटर है । 

इस नदी का उद्गम कैलाश पर्वत श्रेणी में मानसरोवर झील के पास से होता है जो कि उत्तर हिमालय में है । सिंधु नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ झेलम, रावी, चिनाब, ब्यास और सतलज हैं। कश्मीर क्षेत्र में  सिंधु नदी से कई सहायक नदियों आकर मिल जाती है जैसे कि ज़स्कर, श्योक, नुब्रा और हुंजा । 

सिंधु नदी लेह में लद्दाख रेंज और ज़स्कर रेंज के बीच बहती है। इसे सात पवित्र नदियों में से एक माना जाता है । सिंधु नदी लद्दाख से होकर गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र और दक्षिण में पाकिस्तान की ओर बहती है और अंत में कराची के पास आकर अरब सागर में मिल जाती है। 

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2. ब्रह्मपुत्र नदी

लंबाई – 2900 किलोमीटर

उद्गम – चेमायुंग डुंग 

सहायक नदियाँ – सुबनसिरी, वर्किंग, मानस, संकोश, धँसारी

मुख्य शहर – गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ 

ब्रह्मपुत्र नदी की उत्पत्ति चेमायुंग डुंग ग्लेशियर होती है और यह मानसरोवर झील के पास स्थित है, जो की सिंधु और सतलज नदी का स्रोत भी है। इस नदी का अधिकतर भाग भारत से बाहर बहता है जो कि चीन और बांग्लादेश में आता है और इसे चीन में “यारलुंग जांगबो” नदी के नाम से जाना जाता है ।

यह पूर्व दिशा में हिमालय के समानांतर बहती है। जब यह नदी नामचा बरवा पहुँचती है तो यह ‘यू-टर्न’ लेती है और भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य में प्रवेश करती है। इस नदी की कुल लंबाई 2900 किलोमीटर है और भारत में इस नदी की लंबाई 916 किलोमीटर है । 

भारत में यह नदी अरुणाचल प्रदेश और असम राज्य के बीच में बहती है और इससे अन्य सहायक नदियां भी जुड़ी हुई हैं। यह नदी असम और बांग्लादेश में बाढ़ और आपदा लाने के लिए जानी जाती है और हर साल इस नदी से कई लोगों की मौत और जानमाल की हानि होती है । 

ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ दो प्रमुख शहर बसे हुए हैं। यह नदी बांग्लादेश में जमुना के नाम से जानी जाती है और अंत में गंगा से मिल कर बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।

3. गंगा नदी

लंबाई – 2510 किलोमीटर

उद्गम – गंगोत्री ग्लेशियरों (13,858 फीट),  उत्तराखंड

सहायक नदियाँ – यमुना, दामोदर, सप्त कोसी, राम गंगा, गोमती, घाघरा और सोन

मुख्य शहर – इलाहाबाद वाराणसी, कानपुर, चंपारण, हरिद्वार, पटना

गंगा नदी भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है, भारत के बहुत से मुख्य शहर गंगा नदी के पास में बसे हुए हैं जैसे कि इलाहाबाद वाराणसी, कानपुर, चंपारण, हरिद्वार, पटना आदि । गंगा नदी का हमारे इतिहास में बहुत मायने रखती है।

पवित्र गंगा का निर्माण भागीरथ और अलकनंदा के मिलन से हुआ हैं । गंगा नदी हिमालय पर्वत श्रृंखला के गंगोत्री ग्लेशियरों (13,858 फीट) से निकलती है और उत्तर प्रदेश, बिहार ,पश्चिम बंगाल से बहती हुई बांग्लादेश में आती है, अंततः बांग्लादेश से बहती हुई बंगाल की खाड़ी में समाप्त होता है l गंगा नदी को बांग्लादेश में पद्मा नदी के नाम से जाना जाता है ।

गंगा की प्रमुख सहायक नदियाँ यमुना, दामोदर, सप्त, कोसी, राम गंगा, गोमती, घाघरा और सोन हैं । गंगा नदी की पंच प्रयाग की अवधारणा बहुत अधिक प्रचलित है । गंगा नदी की कुल लंबाई 2510 किलोमीटर है जो कि भारत के अंदर बहने वाली सबसे बड़ी नदी है।

4. गोदावरी नदी

लंबाई – 1465 किलोमीटर 

उद्गम – नासिक जिले

सहायक नदियाँ – प्राणहिता, इंद्रावती, मंजीरा, पैनगंगा और मनियर नदी

मुख्य शहर – नासिक, भद्राचलम, त्र्यंबक

गोदावरी नदी प्रायद्वीपीय पठार की सबसे लंबी नदी है जिसको “दक्षिण गंगा” के नाम से भी जाना जाता है । इस नदी की कुल लंबाई 1465 किलोमीटर है जो कि महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर के पास पश्चिमी घाट में उत्पन्न होती है और यह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से बहती हुई निकलती है । 

यह एक मौसमी नदी है, जो ग्रीष्मकाल के दौरान सूख जाती है और मानसून के दौरान चौड़ी हो जाती है। इसकी सहायक नदियों में प्राणहिता, इंद्रावती, मंजीरा, पैनगंगा और मनियर नदी शामिल हैं। यह राजामुंदरी में एक उपजाऊ डेल्टा बनाती है।

यह नदी भारत की अत्यधिक सम्मानित नदियों में से एक है और कई हिंदू धर्मग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। देश का दूसरा सबसे बड़ा मैन्ग्रोव जिसे कोरिंगा मैंग्रोव वनों के रूप में जाना जाता है, गोदावरी डेल्टा में स्थित है। इस नदी के तट पर कई तीर्थ स्थल हैं – नासिक (महाराष्ट्र), भद्राचलम (टीएस), और त्र्यंबक। एशिया का सबसे बड़ा रेल-सह-सड़क पुल जो कोवूर और राजमुंदरी को जोड़ता है, गोदावरी नदी पर स्थित है।

5. कृष्ण नदी

लंबाई – 1401 किलोमीटर

उद्गम – महाबलेश्वरके पास पश्चिमी घाट

सहायक नदियाँ – बतुंगभद्रा, भीम, दुधगंगा, कोयना, मल्लप्रभा, बिंदी, घाटप्रभा, वार्ना, येरला, और मुसी

मुख्य शहर – सांगली, विजयवाड़ा

कृष्णा भारत की सबसे लंबी नदियों में से एक है, जो महाराष्ट्र के महाबलेश्वरके पास पश्चिमी घाट से निकलती है। इस नदी को कृष्णावेणी के नाम से भी जाना जाता है।

इस नदी की कुल लंबाई 1401 किलोमीटर है जो कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना राज्यों से होती हुई बहती है और अंत में आंध्र प्रदेश के कोडुरु के पास बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है और यह प्रायद्वीपीय पठार की दूसरी सबसे बड़ी लंबी नदी है । इस नदी का सबसे अधिक भाग कर्नाटका में बहता है । 

इसकी सहायक नदियों में मुख्य बतुंगभद्रा और भीम नदी है जिसमें से भीम नदी 861 किलोमीटर लंबी है और और अन्य सहायक नदियां दुधगंगा, कोयना, मल्लप्रभा, बिंदी, घाटप्रभा, वार्ना, येरला, और मुसी भी शामिल है । कृष्णा नदी का डेल्टा भारत के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है। 

फसलों की सिंचाई करने के लिए और बिजली उत्पादन करने के लिए इस नदी पर कई बांध बनाए गए हैं, इनमें प्रमुख हैं श्रीशैलम बांध और नागार्जुन सागर बांध। महाराष्ट्र में सांगली और आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा कृष्णा नदी के तट पर बसे दो सबसे बड़े शहर हैं। कृष्णा बेसिन में प्रमुख वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों में नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व, कोयना वन्यजीव अभयारण्य और चंदोली राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं।

6. यमुना नदी

लंबाई – 1376 किलोमीटर

उद्गम – यमुनोत्री ग्लेशियर

सहायक नदियाँ – हिंडन, बेतवा, केन, सेंगर और चंबल 

मुख्य शहर –  दिल्ली और इलाहाबाद

यमुना नदी गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। यह उत्तराखंड के बंदरपून शिखर पर यमुनोत्री ग्लेशियर (6,387 metres) से निकलती है। इस नदी में शामिल होने वाली मुख्य सहायक नदियों में हिंडन, बेतवा, केन, सेंगर और चंबल शामिल हैं । 

चंबल यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी है। यमुना नदी की कुल लंबाई 1376 किलोमीटर है और इसका जलग्रहण क्षेत्र दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है।

यमुना नदी इलाहाबाद में गंगा में विलीन हो जाती है। दो नदियों का संगम हिंदुओं के लिए एक पवित्र स्थान है जहां हर 12 साल में प्रसिद्ध कुंभ मेला आयोजित किया जाता है। यमुना नदी को हिंदुओं द्वारा देवी यमुना के रूप में पूजा जाता है और यह हिंदू धर्म में बहुत सम्मानित है। 

7. नर्मदा नदी

लंबाई – 1312 किलोमीटर

उद्गम – अमरकंटक ( 1057 meter ) पहाड़ी

सहायक नदियाँ – हॉलन और बंजार

मुख्य शहर – जबलपुर, हरदा, मंडला, भरूच और ओंकारेश्वर

नर्मदा नदी मध्य भारत के राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से होती हुई बहती है और इसकी कुल लंबाई 1312 किलोमीटर है। यह मध्य प्रदेश में स्थित अमरकंटक (1057 meter) पहाड़ी के शिखर से उत्पत्ति होती है । यह प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियों में से एक है। केवल नर्मदा, ताप्ती और माही नदियाँ पूर्व से पश्चिम की ओर चलती हैं। 

यह नदी गुजरात के भरूच जिले में अरब सागर में मिल जाती है। नर्मदा नदी भारत की सात पवित्र नदियों में से एक है, यह नदी हिंदू धर्म के प्राचीन ग्रंथों में उल्लिखित है। नर्मदा नदी विशाल झरनों के लिए जानी जाती है जैसे कि दुग्धधारा, धारडी, कपिलधारा और धुंधर । 

नर्मदा नदी के किनारे कुछ महत्वपूर्ण शहर और कस्बे जबलपुर, हरदा, मंडला, भरूच और ओंकारेश्वर हैं। नर्मदा नदी की घाटी बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान और कान्हा राष्ट्रीय उद्यान  के लिए जानी जाती हैं । नर्मदा की दो सहायक नदियाँ, हॉलन और बंजार, कान्हा के जंगलों से होकर बहती हैं ।

8. महानदी नदी

लंबाई – 851 किलोमीटर

उद्गम – सतपुड़ा रेंज

महानदी की उत्पत्ति मध्य भारत के सतपुड़ा रेंज से हुई और यह पूर्वी भारत की एक नदी है जो कि पूर्व दिशा की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है । इस नदी की कुल लंबाई 851 किलोमीटर है ।

महानदी शब्द संस्कृत के दो शब्दों (महा + नाडी) से मिलकर बना है, महा का अर्थ है महान और नाड़ी का अर्थ है नदी । नदी छत्तीसगढ़ में रायपुर जिले के माध्यम से उत्तर की ओर बहती है और सियोनाथ नदी से मिलने के बाद यह पूर्व की ओर मुड़ जाती है और ओडिशा में प्रवेश करती है। 

यह नदी छत्तीसगढ़, उड़ीसा में बहती है और इसकी सहायक नदियां महाराष्ट्र और झारखंड में बहती है, यह उड़ीसा राज्य की सबसे बड़ी नदी हैं । दुनिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध –  हीराकुंड बांध जो कि संबलपुर शहर, उड़ीसा के पास महान नदी पर बनाया गया है ।

9. कावेरी नदी

 लंबाई – 805 किलोमीटर

उद्गम – कोडागु जिले के तालकवेरी में

सहायक नदियाँ – भवानी, कबिनी, अमरावती

मुख्य शहर – इरोड, करूर, थांजवूर, 

कावेरी नदी का उद्गम स्थल कर्नाटक के कोडागु जिले के तालकवेरी में पश्चिमी घाट की तलहटी में स्थित है और यह तमिलनाडु की सबसे बड़ी नदी है । कावेरी नदी कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य में बहती है, इसकी कुल लंबाई 805 किलोमीटर है, जो कि पश्चिम से पूरब की ओर बहती है और बंगाल की खाड़ी में जाकर गिर जाती हैं । 

कावेरी नदी की मुख्य सहायक नदियों में भवानी, कबिनी, अमरावती नदी शामिल हैं। कावेरी नदी का तमिल साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान है और इसे भारत की पवित्र  नदियों में गिना जाता है। कावेरी नदी कर्नाटक और तमिलनाडु की जीवन रेखा के रूप में जानी जाती हैं । 

कावेरी नदी पेयजल, सिंचाई और बिजली का मुख्य स्रोत है। कावेरी डेल्टा देश के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है। कर्नाटक में सबसे बड़ा पक्षी अभयारण्य, रंगनाथिटु पक्षी अभयारण्य भी कावेरी नदी के तट पर स्थित है।

10.  ताप्ती नदी

लंबाई – 724 किलोमीटर

उद्गम – डेक्कन पठार के सतपुड़ा रेंज

सहायक नदियाँ – पूर्णा, गिरना, पंजहरा, बोरी, वाघुर और अनर

मुख्य शहर – भुसावल,  सूरत, बैतूल, मुलताई और बुरहानपुर

ताप्ती नदी केंद्रीय डेक्कन पठार के सतपुड़ा रेंज में गविलगढ़ हिल्स से निकलती है। इसकी उत्पत्ति दक्षिणी मध्य प्रदेश राज्य के पूर्वी सतपुड़ा रेंज में होती हैं। यह पश्चिम दिशा में बहती है ।

तापी नदी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात बहती है और यह खंभात की खाड़ी के माध्यम से अरब सागर में गिर जाती हैं । यह भारत की उन तीन प्रायद्वीपीय नदियों में से एक है जो नर्मदा और माही नदियों के अलावा पूर्व से पश्चिम तक चलती हैं। 

 नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ पूर्णा, गिरना, पंजहरा, बोरी, वाघुर और अनर नदी हैं। इस नदी के पास कुछ मुख्य शहर बसे हुए हैं जैसे कि भुसावल,  सूरत, बैतूल, मुलताई और बुरहानपुर है। इस नदी की कुल लंबाई 724 हैं ।

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